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सवाल बहुवचन संबोधन में अनुस्वार का

मित्रो, मैं आज बहुत समय बाद लिख रहा हूँ और आशा है कि आगे से नियमित लिखूँगा।

ऊपर लिखे इस वाक्य में आप को कुछ अटपटा लगा? मुझे यकीन है कि कुछ लोगों को “मित्रो” शब्द आम भाषा से विपरीत लगा होगा, क्योंकि उन्हें संबोधन में भी “मित्रों” लिखने कहने की आदत है। दरअसल यह लेख इसी प्रश्न का उत्तर देने की एक कोशिश है कि संबोधन बहुवचन में “मित्रो” कहा जाना चाहिए या “मित्रों”, “भाइयो-बहनो” कहा जाना चाहिए या “भाइयों-बहनों”। हाल में इस विषय पर बर्ग वार्ता के अनुराग जी से फ़ेसबुक पर लंबा संवाद हुआ, और अपने इस लेख में उन्होंने अपनी बात को विस्तार पूर्वक भी रखा। फ़ेसबुक के मुकाबले ब्लॉग पर लेख रखना अच्छा है, और इसके लिए मैं उनको धन्यवाद देना चाहता हूँ। फ़ेसबुक पर लिखा हुआ आम तौर पर कुछ दिनों में खो जाता है, और हमारी पहुँच से तो क्या, गूगल की पहुँच से भी बाहर हो जाता है। इसके अतिरिक्त ब्लॉग पर links और images देने में भी अधिक स्वतंत्रता रहती है।