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हिन्दी में जीमेल – नया तो नहीं

Gmail in Hindi in 2005जीमेल ने घोषणा की है कि अब आप सीधे जीमेल में जा कर हिन्दी या अन्य भारतीय भाषाओं में ईमेल लिख सकते हैं। धन्यवाद गूगल। यह घोषणा जीमेल ब्लॉग और गूगलब्लॉग पर ताज़ी ताज़ी हुई है। इस से कई नए लोग हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं में मेल लिख सकते हैं। पर मुझे गूगल के इस वक्तव्य से आपत्ति है कि

अब तक मित्रों और संबन्धियों को हिन्दी में ईमेल भेजने की कोई अच्छी विधि नहीं थी।

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जीमेल – रुको रुको, अभी मत भेजो

जीमेल ने आज एक नया फीचर जोड़ा है, जिस के द्वारा आप कमान से निकले तीर को वापस कर सकते हैं — यदि एकदम ख्याल आ जाए तो। क्या आप के साथ कभी ऐसा हुआ है कि मेल लिख कर जल्दी में “भेजो” बटन पर क्लिक दिया, और क्लिक करते ही याद आया कि अरे, जो फाइल संलग्न करनी थी, वह तो की नहीं। या मेल लिख कर क्लिक करते ही ध्यान में आया कि यह लिखना तो रह गया, या यह नहीं लिखना चाहिए था, या अरे, वर्तनी तो जाँची नहीं। मेरे साथ अक्सर ऐसा होता है। जीमेल के आधिकारिक ब्लॉग पर आज दी गई सूचना के अनुसार आप यदि जीमेल प्रयोगशाला के इस फीचर को सक्रिय करते हैं, तो आप को पाँच सेकंड का समय मिलेगा यह तय करने का कि आप उस मेल को रोकना चाहते हैं या नहीं। पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए इस पृष्ठ पर जाएँ।

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अनूप “डॉग” देसाई

anoop desai (screenshot from americanidol.com). click to watch video on americanidol.comयूँ तो मैं नियमित रूप से अमेरिकन आइडल नहीं देखता पर भारतीय मूल के अनूप देसाई के कारण इस वर्ष रुचि बनी हुई है। पिछले सप्ताह जब उसे टॉप-12 में जगह नहीं मिली, तो मैं ने टीवी बन्द कर दिया। बाद में मालूम हुआ कि कुछ ही क्षणों बाद जजों ने टॉप-12 के स्थान पर टॉप-13 में मुकाबला करने का निश्चय किया और इस तरह अनूप प्रतियोगिता में वापस आ गया। (वीडियो)

कल का शो फिर देखा। माइकल जैकसन के गाने गाए जा रहे थे। अनूप आठवें नंबर पर गाने के लिए आया, और उस ने “बीट-इट” गाया।

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महापिक्सल फोटो – एक नई तकनीक

इंटरनेट की खूबी यह है कि हर रोज़ आप को कुछ न कुछ नया देखने-सीखने को मिलता है। यदि शाम तक याद रहे तो एक अदद ब्लॉग-पोस्ट हो जाती है। हाँ तो आज एक मेल फॉर्वर्ड मिला जिस में बराक ओबामा के राज्याभिषेक समारोह के एक चित्र की कड़ी थी। इस में यूँ तो कोई खास बात नहीं होनी चाहिए, पर इस वाले चित्र में यह खास बात थी कि उस में आप क्लिक कर के ज़ूम कर सकते हैं, दाएँ बाएँ पैन कर सकते हैं – यहाँ तक कि लाखों लोगों के चेहरों को देख सकते हैं – वह भी करीब से। ज़रा और खोजबीन की तो मालूम हुआ कि इस तकनीक का नाम गिगापैन तकनीक है। इस बात को मैं “आज के दिन की सीख” कह सकता हूँ।